आईवीएफ ट्रांसफर के बाद क्या नहीं खाना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Sat 4th Feb 2023 : 09:38

गर्भावस्था में क्या नहीं खाना चाहिए-

-अपने खान-पान में कई चीजें ऐसी हैं जिन्हें गर्भावस्था में खाने से परहेज करना चाहिए। ये आहार गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।

एल्कोहल से परहेज रखें

-गर्भवती महिलाओं को तो केवल शराब ही नहीं, बल्कि हर तरह के नशे से बिल्कुल दूर रहना चाहिए। धूम्रपान, शराब के सेवन से भ्रूण के दिमागी और शारीरिक विकास में बाधा आती है। इतना ही नहीं, शराब पीने से गर्भपात होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

कच्चा अंडा न खाएं

-अधपके अंडे के सेवन से सालमोनेला संक्रमण का खतरा हो सकता है। इस संक्रमण से गर्भवती महिला को उल्टी और दस्त की समस्या हो सकती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को अच्छी तरह से पका अंडा ही खाना चाहिए।

उच्च स्तर के पारे वाली मछली न खाएं

-गर्भवती महिलाओं को ऐसी मछलियों को खाने से बचना चाहिए, जिनके शरीर में पारे का स्तर अधिक होता है। जैसे कि स्पेनिश मेकरल, मार्लिन या शार्क, किंग मकरल और टिलेफिश जैसी मछलियों में पारे का स्तर ज्यादा होता है। ऐसी मछलियों को खाने से भ्रूण के विकास में बाधा आ सकती है।

कैफीन का सेवन न करें

– चाय, कॉफी और चॉकलेट जैसी चीजों में कैफीन पाया जाता है। ज्यादा मात्रा में कैफीन लेने से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, कैफीन का ज्यादा सेवन करने से जन्म के समय शिशु का वजन कम रह सकता है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान रोजाना 200 मिलिग्राम तक कैफीन के सेवन को सुरक्षित माना जाता है।

कच्चा पपीता न खाएं

-गर्भावस्था में कच्चा पपीता खाना असुरक्षित हो सकता है। कच्चे पपीते में एक ऐसा केमिकल पाया गया है, जो भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए गर्भावस्था में कच्चा पपीता खाने से बचें।

कच्ची अंकुरित चीजों से बचें

-गर्भावस्था में कच्ची अंकुरित चीजें खाने से बचना चाहिए। दरअसल, कच्ची अंकुरित दालों में साल्मोनेला, लिस्टेरिया और ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जिससे फूड पोयजनिंग की समस्या हो सकती है। इसके कारण गर्भवती महिला को उल्टी या दस्त की शिकायत हो सकती है और मां के साथ-साथ शिशु की सेहत को भी नुकसान पहुंच सकता है।

क्रीम दूध से बना पनीर न खाएं

-गर्भावस्था में क्रीम दूध से बना पनीर नहीं खाना चाहिए। इसे बनाने में पाश्चुरीकृत दूध का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, इसलिए इसमें लिस्टेरिया नाम का बैक्टीरिया मौजूद होता है। इस बैक्टीरिया की वजह से गर्भपात और समय से पहले प्रसव का खतरा बढ़ सकता है।

कच्चे मांस का सेवन ना करें

-कच्चे मांस गर्भवती महिला को टॉक्सोपलॉस्मोसिस से संक्रमित कर सकता है। इससे गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है। ध्यान रखें कि अगर मीट [मांस] खा रही हैं, तो वो पूरी तरह से पका हो।

बिना धुली हुई सब्जियां और फल न खाएं

-बिना धुली हुई सब्जी और फल में टॉक्सोप्लाज्मा नाम का बैक्टीरिया मौजूद हो सकता है, जिससे शिशु के विकास में बाधा आती है। फल और सब्जी को खाने से पहले उसे अच्छी तरह धोना न भूलें।

आइसक्रीम न खाएं

-गर्भावस्था में आइसक्रीम खाने से भी बचना चाहिए। आमतौर पर इसे बनाने के लिए कच्चे अंडों का इस्तेमाल होता है। इस बारे में पहले ही बता चुके हैं कि कच्चे अंडे से गर्भवती महिलाओं को सालमोनेला संक्रमण हो सकता है।

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